समर्थक

05 July, 2010

"चर्चा बच्चों के ब्लॉगों की-4" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

 सबकी आँखों के तारे हैं !
नन्हे सुमन बहुत प्यारे हैं !
नन्हे मुन्नों की चर्चा में,
रंग भरे न्यारे-न्यारे हैं !! 
------------------
आज की पहली चर्चा है -

Something in me.... -*I want to change* *something * *in me,* *I want to call* *something* *in me,* *I want to tell* *something* *to me,* *to do these things,* *I chan...


------------------
आज की दूसरी चर्चा है - 
प्यारे-प्यारे चित्र और पाखी ये देखिये मैं क्या लाई. ढेर सारे चित्र और इन चित्रों में मैं, मम्मी-पापा और भी बहुत कुछ. ये चित्र मुझे गिफ्ट किये हैं प्यारे से आशीष (आशु) अंकल ने. आशु अंक...

------------------
और यह रही आज की तीसरी चर्चा-
कविता गर्मी गर्मी इस भीषण काल गर्मी में , सूख गयी हैं नदिया सारी.... परेशान हैं हर मनुष्य, क्यों बरसा नहीं पानी.... इस भीषण काल गर्मी में, अगर पानी को हैं पाना..... तो ह...

------------------
चौथे नम्बर की चर्चा में है-
my friend's drawings -किडजी प्रे - स्कूल , जालान महारास्ट्र से महक और भावना ने मुझे ये दो drawings भेजा है...अच्छा है न...इन दोनों ने Father 's Day पर ये colour किया था...

------------------
पाँचवे स्थान पर चर्चा करते है-
 सरस पायस की

सरस पायस को मिला कांस्य पदक : परियोजना पुरस्कृत

आज मैं उस "सरस पायस" से आपकी मुलाकात करवा रहा हूँ,
जिसके नाम पर इस ब्लॉग का नाम "सरस पायस" रखा गया है!
"सरस पायस" को कांस्य पदक से विभूषित करते हुए
उनकी अध्यापिका मंजु मैडम -

------------------
 छठी पायदान पर आज है-
बाल कविता: आन्या गुडिया प्यारी संजीव 'सलिल' बाल कविता: आन्या गुडिया प्यारी संजीव 'सलिल' * * आन्या गुडिया प्यारी, सब बच्चों से न्यारी। गुड्डा जो मन भाया, उससे हाथ मिलाया। हटा दिया मम्मी...

------------------
 बच्चों के ब्लॉगों की चर्चा में-
माधव को भला कैसे भूल सकते हैं?
इंडिया गेट 02/07/2010 कल मम्मी पापा के साथ इंडिया गेट गया था . वहाँ पर बहुत सारे पक्षी ( कौवे और मैना) थे. कौवों को मैंने बिस्कुट खिलाया , बिस्कुट खिलाने के बाद उनके पीछे -पीछे ...

------------------
 यह ब्लॉग भी तो बच्चों का ही है-
‘‘… ..बादल बरस रहे हैं?’’ (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)*गरज रहे हैं, लरज रहे हैं, काले बादल बरस रहे हैं।* * कल तक तो सूखा-सूखा था, धरती का तन-मन रूखा था, आज झमा-झम बरस रहे हैं। काले बादल बरस रहे हैं।।* 
------------------

आओ, पूछें एक सवाल मेरे सिर में कितने बाल ?आओ, पूछें एक सवाल मेरे सिर में कितने बाल ? कितने आसमान में तारे? बतलाओ या कह दो हारे। नदिया क्यों बहती दिन रात? चिड़ियाँ क्या करती हैं बात ? क्यों कुत्ता ...
------------------

ये देखो मैंने बेलून बना दिए.. बेलून....मम्मु में मुझे बेलून बनाना सिखाया है.. गोल गोल जलेबी बनाओ और उसकी पुंछ बना दो... बन गया बेलून... कैसा लगा मेरा बेलून?


  
------------------

और अन्त में दो ब्लॉग और- 

स्कूल शुरू ... -अब हमारी मस्तियो पर थोडा सा विराम लग गया है, क्यों की अब मेरा स्कूल शुरू हो गया / पहले दिन से ही मुझे अपना नया स्कूल बहुत अच्छा लगा, ये मेरे पहले वाले स्क...

--------------------
नट्खट कान्हा - 2 हैलो फ़्रैण्ड्स मैने पहले आपको कान्हा की एक कहानी सुनाई न । आज कनुआ की एक और कहानी सुनाऊंगा । २. नॊटी ब्वाय कनुआ बहुत ही नाटी ब्वाय था । वह अपनी मम्...


4 comments:

  1. बहुत सुन्दर चर्चा....इन ब्लोग्स पर कल जाउंगी ..

    ReplyDelete
  2. प्यारे प्यारे ब्लोग है. सुंदर चर्चा...........

    ReplyDelete
  3. बच्चों के साथ बतकही बड़ी रोचक लगी।
    सद्भावी -डॉ० डंडा लखनवी

    ReplyDelete

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

LinkWithin