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06 August, 2010

"चर्चा बच्चों के ब्लॉगों की-10" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

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चर्चा मंच पर पोस्ट बहुत ज्यादा हो जाती है!
इसलिए प्यारे-प्यारे नन्हे-सुमनों की
चर्चाएँ अक्सर छूट जाती हैं!
प्रस्तुत है-
बच्चों के ब्लॉगों की चर्चा का 
यह दशम् सोपान
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शुरूआत करते हैं आदित्य के ब्लॉग से

. पिछले शुक्रवार (३० जुलाई) को मेरा बुखार बिल्कुल ठीक हो गया था.. डॉ को फोन किया तो उन्होंने अस्पताल आने से मना कर दिया.. बोले बिल्कुल ठीक हो.. आज दिखाने की ...

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चर्चा में शामिल होने वाला दूसरा ब्लॉग है 
पाखी की दुनिया
आजकल मैं स्कूल में अच्छे से पढाई कर रही हूँ. सुबह जग जाती हूँ, ताकि स्कूल के लिए जल्दी से तैयार हो सकूँ. क्लास में टीचर जो भी बताती हैं, 
उन्हें भी अच्छी त...

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अब बारी है नन्हे सुमन की-

-*हम भारत के भाग्य विधाता, नया राष्ट्र निर्माण करेंगे ।* *निज-भारत के लिए निछावर, हँस-हँस अपने प्राण करेंगे ।। * *
गौतम, गाँधी, इन्दिरा जी की, हम ही तो तस्वीर..
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अरे वाह..! बाल-संसार में
कितनी सुन्दर बाल-कविता हैं!
घर में पानी, गली में पानी भर कर बादल हंसते हो। टीचर गया है छुट्टी पर क्या जो इतने मस्ते हो। पतंग उड़ानी बंद हो गई बंद हुए सब खेल। बुरा हाल कर दिय..
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चूचू और चिण्टी ( बाल-उपन्यास भाग-3) चूचू खाने का दीवाना खा जाता चिण्टी का खाना चोरी से वह खाना खाए चिण्टी भूखी ही रह जाए बातों में चिण्टी को लगाता टिफ़न चुपके से उठाता लेकर खाना भर दे घास रखदे...
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बारिश का मतलब -
*बारिश का मतलब*** *नहीं होता सिर्फ़*** *गरम गरम पकौड़ी और चाय*** *हंसी ठहाका और तफ़रीह*** *या फ़िर लार्ज या स्माल पेग और मुर्गा*** *साथ में राजनीति*** *सास .....

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जी भरकर खेली भी न थी पापा की गोदी में लडाया ही न था मां ने भरपूर अपनी बांहों में! दादी की दुलार ने थपका भी न था अभी दादा ने उंगली थाम कुछ दूर ही चलाया था! ज..
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BAL SAJAG पर पढ़िए यह कविता
वीर बनो वीर बनो तुम वीर बनो । पढ़-लिखकर शूर वीर बनों ॥ पढ़ लिखकर अच्छा काम करोगे । जग में अपने माँ-बाप का नाम करोगे ॥ और लोगों को अच्छी सीख दोगे । छोटे-छोटे...
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बाल-मन पर भी 
एक बहुत सुन्दर कविता है-
--डॉ0 अल्लामा इक़बाल- सुनाऊँ तुम्हें बात एक रात की, कि वो रात अंधेरी थी बरसात की। चमकने से जुगनु के था इक समाँ, हवा में उड़ें जैसे चिनगारियाँ। पडी़ एक बच्..
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हमारी गुनगुन चली गयी....................
मंगल 3.08.2010 की सुबह 5.०० बजे 
सब कुछ अमंगल करके..........
जन्म के छटे दिन बाद के ये उसके पैरों के निशा...

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Dबीच मेरी बहुत ही पसंदीदा जगह है| 
तेज़ हवा में रेत पर दौड़ना और रेत के टीले बनाना 
बहुत अच्छा लगता है, 
और मज़े की बात अगर दौड़ते-दौड़ते 
गिर भी गये तो चोट भ..
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सुबह जागने पर पाया कि वही रेल जो रात चाँद के साथ कदमताल मिला कर चल रहा था, सुबह दूर खड़े पेड़ के साथ रिले रेस लगा रहा था.. जो कुछ दूर साथ-साथ दौड़ते हैं और अच...

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इन दिनों नेरे नाना नानी मुझसे मिलने दिल्ली आये हुवे है . 
मेरी तो मौज हो गयी है . 
सुबह सुबह ही नानी मेरी मालिश करती है . 
नानी से पुरी बोडी की मसाज करवाता हू...

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कल यानि कि 31 जुलाई को हमारी छोटी बहिन-
जिसके बारे में हम आपको बताते भी रहते हैं-
जी हाँ पौच जी, हाँ, उसी पौच जी का कल जन्मदिन था। 
कल हमारी बहिन पूरे एक वर्ष..

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और अन्त में देखिए!

मेरे बाबा कितनी सारी कवितायेँ लिखते हैं, 
मेरी मम्मा भी कविता लिखती है ... 
तो मैंने सोचा कि क्यूँ ना मैं भी कुछ लिखूं .... 
यूँ तो मैं पूरा दिन चहचहाते रह..

4 comments:

  1. गुनगुन का बहुत अफसोस है.. :(

    ReplyDelete
  2. चर्चा तो प्यारी है, पर गुनगुन के बारे में जानकर बेहद अफ़सोस हुआ.

    ReplyDelete
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