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26 October, 2010

"नर्सरी में टॉप किया" (बाल चर्चा मंच-रजत जयन्ती अंक)

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चर्चा मंच पर पोस्ट बहुत ज्यादा हो जाती है!
परन्तु मेरा वादा है कि नन्हे-सुमनों की
चर्चा तो लगाता ही रहूँगा!
प्रस्तुत है बाल चर्चा मंच का
(25वाँ) रजत जयन्ती अंक!
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आज सबसे पहले 
रूद्र जी ने अपनी प्री नर्सरी में टॉप किया 
ये तो पुरानी बात हों गई है 
लेकिन आज जिस बात ने कान खड़े कर दिये है वह यह है कि...
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अब देखिए -
-गिरिजा कुलश्रेष्ठ- 
सुनो-सुनो ओ मच्छर जी। 
हो तुम कितने निष्ठुर जी। 
बातों-बातों में ही तुमने, 
मारे डंक बहत्तर जी । 
नन्हे नाजुक लगते हो, ..
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में देखिए यह सुन्दर कविता-
प्रस्तुत कविता मेरे द्वारा लिखी गयी है ....
जो की जीवन के सन्दर्भ में कुछ कहती है ... 
* Where we end and Why for What?* *
* *The biggest question,* *T...
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अब देखिए

ਰੇਲ - ਗੱਡੀ .....-(ਇਹ ਕਵਿਤਾ ਮੈਂ ਓਦੋਂ ਲਿਖੀ ਸੀ ਜਦੋਂ ਮੈਂ ਚੌਥੀ ਜਮਾਤ ਵਿੱਚ ਪੜ੍ਹਦੀ ਸੀ)
 *Cu`k- Cu`k krdI ryl g`fI * 
*vyKo swry ikMnI v`fI* *KWdI A`g hY pIvy pwxI* 
*pqw nhIN ikQy jw...
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मेरे ब्लॉग पर आने वाले सभी बड़े और मेरे जैसे नन्हे दोस्तों से मेरी रिक्वेस्ट ...
*यह पोस्ट मैं आनंद राठौर अंकल की ब्लॉग से लेकर आया हूँ | 

-*Narayanan Krishnan* 
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पता है कल हम कहाँ गए थे ? 
भोपाल के डी.बी. सिटी मॉल में शौपिंग के् लिए! 
जो शायद सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा मॉल है.
- ये कब खुल गया हमें तो पता ही नहीं था. ...
लविज़ा : एक प्यारी-सी ब्लॉगपरी
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अनुष्का जी बता रहीं हैं!
मेरे सारे डाक्युमेंट्स आते ही बस हमारा इण्डिया विज़िट तय हो गया ....
पापा ने छुट्टियों के लिए आवेदन दिया 
लेकिन उन दिनों उनके प्रोजेक्ट में इतना काम था कि अ..
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BAL SAJAG पर है 
यह मज़ेदार कविता !
बन्दर बड़े जोर से बमका एक मदारी खेल दिखाता , 
बन्दर और बंदरिया को नचाता .... 
बंदरिया लगाती ठुमके जितने , 
मदारी को मिलते पैसे उतने .... 
बंदरिया ने लगाये जब ठुमके...
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माधव कह रहे हैं!

मेरा कारनामा देख लीजिए ना प्लीज!
-कल पापा -मम्मी , बड़े पापा के साथ ड्राइंग रूम में बाते कर रहे थे , 
मै दूसरे कमरे में खेल रहा था . 
खेलते खेलते मेरे हाथ पापा की एक कॉपी लग गयी , 
बस क्या था ...
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पार्थवी जी की भी तो सुनिए!
*ये एक चुनौती है खुली चुनौती है कोई ?? 
It's an open Challenge??* * * 
* * * 9 9 9 9 5 5 5 5 **3 3 3 3 *
*1 1 1 1 * * 
* *इनमे से कोई छह अंक (नम्बर्स) को ले कर ...
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अनिल सवेरा जी ने भेजी है
यह सुंदर बाल कविता भी हमे . धन्यवाद! 
*चीनू चुहिया, बिल मे बेठी* 
*गुप चुप झांक रही थी,* 
*बाहर बेठी बिल्ली मोसी,* 
*मोका तांक रही थी.* ....
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का यह अंक भी तो पढ़ लीजिए!
*पंखुरी टाइम्स* का एक अंक पंखुरी बेटी के शब्दकोष के बारे में था, 
आपने ज़रूर पढा होगा.बिटिया के विकास क्रम में शब्द बोलना सीखने 
और खुद नये शब्द गढने की प्रक्...
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और अन्त में-
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देख-देख मन ललचाया है। 
सेवों का मौसम आया है । 
कितना सुन्दर रूप तुम्हारा। 
लाल रंग है प्यारा-प्यारा।...
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7 comments:

  1. रजत जयन्ती अंक में सभी बच्चों के ब्लोग्स की सुंदर चर्चा...... आभार

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  2. सरस पायस की चर्चा के लिए आभार!

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  3. सभी दोस्त मिल जाते हैं यहाँ .... प्यारी चर्चा धन्यवाद मयंक अंकल

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  4. बहुत सुन्दर बाल ब्लॉग चर्चा नानाजी ....आभार
    अनुष्का

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  5. बहुत ही सुन्दर....
    बहुत अच्छा मंच मिल जाता है बच्चों को एक दूसरे के बारे में जानने के लिऐ...
    अच्छी बाल चर्चा ....

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  6. Dr. Uncle,
    Thank you for placing my poem ...छुक-छुक रेल गाड़ी on Bal Charcha munch.
    I like this blog ....as I can read a lot and can meet my other friends.
    Supreet

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  7. बहुत प्यारी चर्चा है, बधाई।

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