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22 September, 2010

"चर्चा बच्चों के ब्लॉगों की-18" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

चर्चा मंच पर पोस्ट बहुत ज्यादा हो जाती है!
इसलिए प्यारे-प्यारे नन्हे-सुमनों की
चर्चाएँ अक्सर छूट जाती हैं!
प्रस्तुत है-
बच्चों के ब्लॉगों की चर्चा का
यह 18वाँ सुमन
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शुरूआत करते हैं के ब्लॉग से
मेरे विद्यारंभ संस्कार के साथ ही औपचारिक रूप से
मेरी शिक्षा की शुरूआत हो चुकी है .
पापा मेरे लिए दो पुस्तकें खरीद लाये है ,
कलम घर पर था ही , बस एक टीचर क...
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चर्चा में शामिल होने वाला दूसरा ब्लॉग है-
मम्मा मेरे लिए काँटा और बत्तख लाई....
मैं चला बत्तख पकडने... है न बिल्कुल अहिंसक तरीका...

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अब बारी है नन्हे सुमन की-
*अतिवृष्टि* जब सूखे थे खेत-बाग-वन,
तब रूठी थी बरखा-रानी।
अब बरसी तो इतनी बरसी,
घर में पानी, बाहर पानी।।
बारिश से सबके मन ऊबे,
धानों के बिरुए सब डूबे, अब ...
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- मैं ना आदित्य साहू हुँ ...क्या आप मेरी कहानी सुनोगे?
मेरा जन्म १० मार्च २००९ में होलिका दहन के दिन हुआ था। मेरे मम्मी पापा उस क्षण बहुत खुश थे पर थोड़े देर ...
((((()))))

नन्हे-मुन्हे में देखिए-
- बच्चो आप इस ब्लांग पर ज्यादातर डा० अनिल सवेरा जी की सुंदर कलम से लिखी बाल कवितायें पढते है, लेकिन उन से आप का कभी परिचय नही करवाया था, फ़िर एक बार मैने उन ...
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देखो आसमान में उड़ रही पतंगे
देखो भाई कितनी रंग बिरंगी पतंगे ,
उड़ रही आसमान में ये सारी पतंगे....
आसमान में सभी पतंगों को उड़ाते...
जब पतंगे कट जाती हैं, लडके....
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अब मैं दो महीने की हो चुकी थी ....
दादू दादी के साथ मेरे दो महीने कैसे बीते
ना मुझे पता चला न उन्हें ।
वैसे तो दादू दादी को ५-६ महीनो के लिए
रुकना ही था लेक...

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-पिछले दिनों मम्मा-पापा के साथ मायाबंदर घूमने गई
तो वहाँ का करमाटांग बीच भी देखा.
लोग बता रहे थे कि सुनामी ने इस बीच को
काफी नुकसान पहुँचाया. रास्ते में मैं...
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-*प्रियंका गुप्ता* *
[वह कविता मैने तब लिखी थी जब मैं आठवीं में पढ़ती थी ।]
* * ओ मम्मी, ये कैसा युग है*
* कितने रावण जनम रहे हैं*
* राम कहाँ हैं...
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-कंघी करते हुए मेरे भाई के साथ अक्सर ऐसा होता है....
बार-बार कंघी करने के बाद भी बाल खरा ही रह जाता है...
तब वह भी ऐसे ही झल्लाता है...
क्या आप के साथ ऐसा हो...
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- भारत इस वर्ष 3 अक्टूबर से 19 वें राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन कर रहा है। परंपरानुसार इसकी शुरूआत 29 अक्तूबर, 2009 को बकिंघम पैलेस, लंदन में महारानी एलिजाबेथ...

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सुंदर-सुंदर लाल टमाटर खाने को मन करता,
खट्टा-मीठा इसका स्वाद सब का मन है हरता।
मम्मी इसको सब्जी कहती ‘मैम’ है कहती फल,
छोटी बहना मेरी इसको कहती सद...
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चूहा बिल्ली दोस्त बने दोनों खाने लगे चने बिल्ली चूहे को घुमाती पीठ के ऊपर उसे बैठाती चूहा लेकर आता दाने बिल्ली का सब कहना माने रह्ते दोनों हरदम पास हुआ इक...ल्कु...

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-पिऊं दूध और खाऊं मलाई अच्छी लगती मुझे मिठाई थोडा-थोडा बढता जाता हर दिन हीरो बनता जाता
((((((()))))))


*उसकी आंखों की*** *पुतलियों में*** *अब नहीं होती *** *कोई हलचल *** *सतरंगे गुब्बारों*** *और लाल पन्नी वाले *** *चश्मों को देखकर।*** *नहीं फ़ड़कते हैं अब*** ...

  • (((((())))))
    • और अन्त में देखिए!
- खोल दिया मेंढ़क टोली ने, हर गड्ढे़ में एक मदरसा।
ढ़िंग्चक ढ़िंग्चक पानी बरसा।
भाँति-भाँति के बादल नभ में, धमा चौकड़ी लगे मचाने।
खो-खो और कबड्डी जैसे, खेलो...

15 comments:

  1. वाह ! नानाजी आपने तो बहुत सुन्दर चर्चा सजाई है ...यहाँ तो मेरे सारे दोस्त है :)
    आभार
    नन्ही ब्लॉगर
    अनुष्का

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  2. यह चर्चा भी अच्छी है,
    क्योंकि इससे कोई भी ब्लॉग अछूता नहीं रहता!
    मन को भाने नए दोस्तों का दिन आया : सरस चर्चा (14)

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  3. सचमुच बहुत ही सुन्दर है बच्चों के ब्लाग्स की यह चर्चा---इस चर्चा में क्रियेटिवकोना को शामिल करने के लिये आभार स्वीकार करें।
    शुभकामनाओं के साथ।
    हेमन्त

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  4. बहुत बढ़िया प्रस्तुति .......

    यहाँ भी आये एवं कुछ कहे :-
    समझे गायत्री मन्त्र का सही अर्थ

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  5. बहुत अच्छा लगा यहां आकर...तुम सब इस आंटी के यहां भी जरूर आना....बाय

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  6. बहुत सुंदर प्रस्‍तुति !!

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  7. बहुत सुंदर चर्चा, बच्चे ही बच्चे, धन्यवाद

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  8. बच्चों के ब्लाग्स की यह चर्चा अच्छी है.... Thank tou

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  9. विषय आधारित चर्चाए कितनी सार्थक होती है.. ये चर्चाए बाकि लोगों के लिए मोडल बननी चाहिए...

    सुन्दर चर्चा...

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  10. बढ़िया मंच सजाया बच्चों के साथ.

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  11. अच्छी चर्चा शास्त्री जी. बस आपका आशीर्वाद आदित्य पर हमेशा यूँ ही बना रहे. धन्यवाद

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  12. बालमन को समर्पित इस चर्चा के लिए बधाई एवं शुभकमानाएँ।

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  13. बाल चर्चा मंच तो बहुत ही खूबसूरती से सजाया है।

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  14. बहुत सुंदर प्रस्‍तुति, मुझे जगह देने के लिए धन्यवाद.

    मयंक अंकल

    वैसे किसी काम को शुरू करने से पहले बडों का आशीर्वाद लेना जरूरी होता है , तो आप के आशीर्वाद का इच्छुक हूँ , जैसे आपके पीछे माता सरस्वती बसती है वैसे ही मुझे भी आशीर्वाद दे की मेरे ऊपर भी माँ सरस्वती का आशीर्वाद बना रहे

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  15. आपने तो हम सभी बच्चों की बातों और शरारतों को समेत लिया. ....इस प्यारी चर्चा के लिए ढेर सारा प्यार और आभार.

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